महाराष्ट्र में महिलाओं को ऑनलाइन आपत्तिजनक सामाग्री भेजी या प्रस्ताव तो होगी जेल, शक्ति बिल में संशोधन।
महाराष्ट्र विधान परिषद में सर्वसम्मति से भारतीय न्याय संहिता (महाराष्ट्र संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया गया। इसके तहत महिलाओं के खिलाफ ऑनलाइन यौन अपराध रोकने के लिए दो प्रावधानों में बदलाव वाले एक विधेयक को विधानमंडल में मंजूरी दी गई। इसके अलावा विधानमंडल द्वारा मंजूर किए गए दो निजी कौशल विश्वविद्यालयों में 60% सीटें स्थानीय छात्रों के लिए आरक्षित की गई हैं। जानकारी के अनुसार, अब डिजिटल, सोशल मीडिया, ईमेल, मोबाइल फोन और दूसरे डिजिटल प्लैटफॉर्म सहित आधुनिक तकनीक माध्यम से किसी महिला को सेक्सुअल प्रपोज़ल देना या आपत्तिजनक सामग्री भेजना अपराध माना जाएगा।
नए कानून के तहत महिलाओं को ऑनलाइन आपत्तिजनक सामग्री भेजने के लिए तीन साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान कियागया है। इसके अलावा एसिड अटैक पीड़िता का नाम सार्वजनिक रूप से बताया या प्रकाशित नहीं किया जा सकता है। उसकी पहचान सुरक्षित रहेगी।
